कृष्णा और चिट्ठी” बन रही है देश की आध्यात्मिक सिनेमाई लहर — ISKCON गुरुओं, धर्माचार्यों, कलाकारों और भक्तों का मिल रहा अपार प्रेम

कृष्णा और चिट्ठी” बन रही है देश की आध्यात्मिक सिनेमाई लहर — ISKCON गुरुओं, धर्माचार्यों, कलाकारों और भक्तों का मिल रहा अपार प्रेम

Mumbai 30 th May 2026 ( TGN ) :जब आज का दर्शक शोर और विवादों से भरे सिनेमा के बीच उम्मीद, भावनाओं और आत्मिक जुड़ाव की तलाश कर रहा है, ऐसे समय में आगामी हिंदी फिल्म “Krishna Aur Chitthi” देशभर के लोगों के दिलों को छू रही है। 29 मई 2026 को रिलीज़ होने जा रही यह फिल्म रिलीज़ से पहले ही एक आध्यात्मिक और भावनात्मक आंदोलन का रूप ले चुकी है।

अयोध्या की पवित्र गलियों से लेकर हनुमानगढ़ मंदिरों की दिव्यता तक, ISKCON गुरुओं से लेकर धर्माचार्यों और आम दर्शकों तक — हर तरफ फिल्म को प्रेम, आशीर्वाद और समर्थन मिल रहा है। कई आध्यात्मिक संतों ने इसे आधुनिक भारत को भक्ति, संस्कार और भगवान से जोड़ने वाला एक दुर्लभ प्रयास बताया है।

फिल्म को हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री, अभिनेत्री एवं सांसद हेमा मालिनी जी, भजन सम्राट अनुप जलोटा जी, प्रसिद्ध गायक सोनू निगम जी, टीवी कलाकार पारस छाबड़ा और कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों का समर्थन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। यह समर्थन केवल फिल्म के लिए नहीं, बल्कि उसके संदेश के लिए माना जा रहा है।

फिल्म के प्रति लोगों की भावनाओं को और ऊँचाई दी है सोनू निगम जी द्वारा गाए गए भक्ति गीत “श्री राधे” ने। यह गीत पहले ही भक्तों के बीच एक चार्टबस्टर बन चुका है। मंदिरों, भजन संध्याओं, सोशल मीडिया रील्स और कृष्ण भक्तों की प्लेलिस्ट में यह गीत लगातार गूंज रहा है। लोग इसे केवल एक गाना नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण भक्ति का अनुभव बता रहे हैं।

फिल्म के निर्माता इस प्रेम को देखकर भावुक हैं और इसे भगवान श्रीकृष्ण की कृपा मानते हैं।

फिल्म के निर्माता-निर्देशक विनाय भ्हारद्वाज कहते हैं:

“Krishna Aur Chitthi सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावना, एक प्रार्थना और श्रद्धा का उत्सव है। यह एक U Certified पारिवारिक फिल्म है जिसे हर भगवान प्रेमी को देखना चाहिए — चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या किसी भी धर्म से जुड़ा हो।

मेरे अनुसार यह भारतीय सिनेमा में अब तक की सबसे बड़ी ‘भक्त और भगवान’ की कहानी है। फिल्म में क्रिकेट, कृष्ण और कश्मीर को एक साथ उम्मीद, प्रेम, उपचार और प्रेरणा की यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

यह ऐसी फिल्म है जिसे मैं गर्व से ISKCON मंदिर में भी देख सकता हूँ और उतने ही गर्व से JNU यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ भी। क्योंकि यह फिल्म भारत को बांटती नहीं, बल्कि जोड़ती है। यहाँ कृष्ण कहानी का नेतृत्व करते हैं और इंसानियत उसकी मंज़िल बन जाती है।”

फिल्म इंडस्ट्री और आध्यात्मिक जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि “Krishna Aur Chitthi” इसलिए लोगों के दिलों को छू रही है क्योंकि यह बिना उपदेश दिए भक्ति की बात करती है और बिना सीमाओं के इंसानियत को जोड़ती है। यह फिल्म परिवार, संस्कार, देशभक्ति, प्रेम और उम्मीद को एक साथ लेकर चलती है।

जैसे-जैसे रिलीज़ की तारीख नज़दीक आ रही है, फिल्म को लेकर उत्साह पूरे भारत और दुनियाभर के कृष्ण भक्तों के बीच तेज़ी से बढ़ रहा है। “Krishna Aur Chitthi” अब सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि श्रद्धा, प्रेम और मानवता का उत्सव बनती जा रही है — जहाँ भक्त और भगवान का रिश्ता हर दिल को छूता है।

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